बैंक ऑफ बड़ौदा से कस्टमर्स का डेटा लीक, अकाउंट डिटेल्स से लेकर आधार और नंबर तक शामिल होने का दावा

BOB Customer Data Leak

BOB Customer Data Leak

मुंबई: BOB Customer Data Leak: बैंक ऑफ बड़ौदा के ग्राहकों से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. बैंक के करीब 1 टेराबाइट (1 TB) संवेदनशील डेटा के डार्क वेब पर लीक होने के दावों के बाद हड़कंप मच गया है. इस मामले पर तुरंत संज्ञान लेते हुए बैंक ऑफ बड़ौदा ने स्पष्ट किया है कि उसका मुख्य यानी कोर बैंकिंग सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित है और उस पर कोई आंच नहीं आई है. हालांकि, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बैंक ने इस पूरे मामले की विस्तृत फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है.

कर्मचारी का ईमेल अकाउंट हुआ हैक

बैंक ऑफ बड़ौदा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर एक आधिकारिक बयान जारी कर इस घटना की पुष्टि की. बैंक ने बताया कि यह सुरक्षा चूक किसी तकनीकी गड़बड़ी या केंद्रीय सर्वर के हैक होने से नहीं, बल्कि बैंक के एक कर्मचारी का ईमेल अकाउंट कंप्रोमाइज (हैंक) होने की वजह से हुई है. इसी ईमेल के जरिए कुछ चुनिंदा और अनधिकृत डेटा तक बाहरी तत्वों की पहुंच बन गई थी.

बैंक ने अपने बयान में कहा, "बैंक के पास बेहद मजबूत सूचना सुरक्षा प्रोटोकॉल मौजूद हैं. यह घटना एक कर्मचारी के ईमेल खाते से जुड़ी है, जिससे कुछ डेटा तक अनधिकृत पहुंच बनाई गई. मामले की पहचान होते ही तुरंत सुरक्षा और नियंत्रण के कड़े उपाय लागू कर दिए गए थे."

डार्क वेब पर क्या हुआ लीक?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक अज्ञात हैकर ने डार्क वेब पर बैंक ऑफ बड़ौदा का लगभग 1 टीबी डेटा होने का दावा किया है. लीक हुए इस डेटा पैकेज में व्यक्तिगत और कॉर्पोरेट बैंकिंग ग्राहकों से जुड़ी बेहद संवेदनशील जानकारियां शामिल होने की आशंका जताई जा रही है. दावों के मुताबिक, इसमें ग्राहकों के सेविंग्स और करंट अकाउंट की डिटेल्स, लोन से जुड़े दस्तावेज, इंटरनेट बैंकिंग यूजर्स की जानकारी, एनआरआई (NRI) बैंकिंग रिकॉर्ड, कस्टमर सपोर्ट डेटा और विभिन्न बैंक शाखाओं व एटीएम (ATM) से जुड़े आंतरिक विवरण शामिल हैं.

नियामक संस्थाओं के साथ मिलकर काम कर रहा बैंक

बैंक प्रबंधन ने अपने ग्राहकों और हितधारकों को भरोसा दिलाया है कि वह इस घटना को लेकर पूरी तरह सतर्क है. बैंक डेटा लीक के सटीक दायरे और प्रकृति का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ले रहा है. इसके साथ ही, इस मामले की सूचना संबंधित सरकारी और नियामक प्राधिकरणों (जैसे CERT-In और RBI) को दे दी गई है और बैंक उनके साथ मिलकर कानूनी व तकनीकी कार्रवाई कर रहा है.